Hamari Dharohar Scheme 2023: Apply Online, Objectives, Benefits, हमारी धरोहर योजना in Hindi

हमारी धरोहर योजना 2023, क्या है, संबंधित मंत्रालय, लाभ, लाभार्थी, पात्रता, उद्देश्य, ऑनलाइन आवेदन (Hamari Dharohar Scheme in Hindi) (Our Heritage Scheme, Relative Ministry, Benefit, Beneficiary, Eligibility, Objective, Online Apply)

केंद्र सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से विबिन्न योजनाएँ अपनी जनता या जन समूह और देश के विकास के लिए लॉन्च करती रहती हैं और इसी तरह अपने जन समूह के क्षेत्र का विकास और उनकी  विरासत को बचाये रखने के लिए  भी विभिन्न योजनाओ का समय समय पर क्रियान्वयन करती रहती हैं।  योजनाओं के विषय में एक महत्वपूर्ण योजना  ‘हमारी धरोहर ‘ के बारे में केंद्र सरकार ने कुछ हाल ही में एक रिपोर्ट जारी करके यह बताया हैं कि यह योजना हमारे भारतीय संस्कृति या  कल्चर के लिए कितनी आवश्यक हैं। इसी प्रकार की योजनाओं का क्रियांवयन करके भारत सरकार देश में विकास मे पूर्ण रूप से योगदान प्रदान करती हैं। योजनाओं की इस लेख में आपको हमारी धरोहर के बारे में पूर्ण रूप से वर्णन मिलता रहेगा और  आप हमारी लिखे लेख को आनंदपूर्वक पढ़ते रहिये और आगे बढ़ते रहिये।

Hamari Dharohar Scheme

Hamari Dharohar Scheme 2023

योजना का नाम हमारी धरोहर योजना
कब शुरू हुई सन 2015
संबंधित मंत्रालय अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय
उद्देश्य अल्पसंख्यकों की विरासत और संस्कृतियों को संरक्षित करना
अधिकारिक वेबसाइट https://www.minorityaffairs.gov.in/
हेल्पलाइन नंबर N/A

पर्वतमाला योजना

हमारी धरोहर योजना क्या हैं

केन्द्र सरकार के द्वारा अनेकों योजनाएँ लॉन्च की जाती हैं जिसमें से एक योजना हमारी धरोहर के नाम से भी की गई हैं इस योजना को minority affairs ministry द्वारा  2015 में लॉन्च किया गया था। भारत सरकार अनेकता में एकता का विश्वास रखने वाली हैं जो हमारी भारतीय संस्कृति का मूल सिद्धांत कहा जाता हैं भारत का संविधान भारत के प्रत्येक समूह के समुदायों को अपने धर्म और संस्कृति को मानने का पूर्ण अधिकार दिया हुआ हैं। तभी भारत सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए इस योजना अर्थात हमारी धरोहर के माध्यम से उनकी संस्कृति, विरासत को संभाल कर रखने के लिए  एक अच्छा निर्णय केंद्र सरकार की मंत्रालय द्वारा लिया गया हैं। भारत देश  के अल्पसंख्यकों समुदायों में विशेष रूप से पर्शियों, ईसाइयों, बौद्धों आदि की समृद्धि संस्कृति विरासत के बारे में लोगों में हमेशा जानकारी की कमी देखने को मिलती हैं इस समुदायों की संस्कृति विरासत के बारे में पर्याप्त जानकारी से लोगों में बेहतर समझ के साथ साथ उनकी विरासत से प्रेम विकसित होने लगता हैं और सामाजिक मेल मिलाप मजबूत होने की स्थिति में आ जाता हैं लडाई – झगड़ों की कमी कम होती हैं और रिश्ते मजबूत होने लगते हैं और  लोगों में विश्वास भी जागृत होने लगता हैं।

हमारी धरोहर योजना उद्देश्य (Objective)

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय अल्पसंख्यकों समूह की विरासत का संरक्षण प्रदान करना हैं।
  • भारतीय अल्पसंख्यकों समूह में जो पहले दस्तावेजो का निर्माण हो चुका हैं उनका भी संरक्षण इन्हीं के द्वारा किया जाएगा।
  • साथ ही साथ कैलिग्राफी आदि को सहायता एव्ं संवर्धन प्रदान करना इन्हीं का काम होगा।
  • और अल्पसंख्यकों की विरासत और संस्कृति के बारे में लोगों को बताना और अनुसंधान करके उनका विकास करना।
  • धर्म विरासत एव्ं संस्कृति को इस योजना के अंतर्गत संरक्षण प्रदान करके उन्हें सुरक्षित भी रखा जाएगा जिससे भविष्य के लोगों को उनके बारे में पता चल सके।

पीएम विश्वकर्मा योजना

हमारी धरोहर योजना की विशेषताएं और लाभ

  • इस योजना की मुख्य विशेषता यह है की जहाँ पर जो अल्पसंख्यकों के संस्कृति और विरासत से संबंधित पुरानी और प्रसिद्ध विख्यात क्षेत्र हैं उन्हें सुरक्षित रख जाएगा।
  • इन अल्पसंख्यकों की विरासत के बारे में लोगों के विषय के बारे मे बताना जिससे लोग इनकी ओर आकर्षित हो। और इनके बारे में जाने। और इन विरासतों के माध्यम से पर्यटन बढ़ने की संभावना भी बढ़ जायेगी।
  • जब हमारे देश में पर्यटन बढ़ने लगेगा तो हमारे देश की आर्थिक स्थिति में थोड़ा और सुधार होने लगेगा।
  • अल्पसंख्यकों की जो विरसातें छुपी हुई हैं वो जो लोगों के सामने नहीं आई हैं उनके बारे में भी लोगों तक पहुंचाने की कोशिश इस योजना के माध्यम से किया जायेगा।
  • अगर देखा जाए तो मंत्रालय द्वारा यह कदम पुराने स्थलों को पूरी तरह से चमकने की कोशिश की जायेगी और संरक्षण प्रदान किया जायेगा।
  • जो स्थल अभी तक किसी के नजरों में नहीं आये हैं उनका भी विकास किया जाएगा। जो अल्पसंख्यकों से सम्बंधित हैं यह योजना हमें इन्हीं के विकास के बारे में बताती हैं।

हमारी धरोहर योजना संबंधित मंत्रालय

हमारी धरोहर के अंतर्गत निम्न भागीदार शामिल हो सकते हैं जो इनके क्रियाकलाप में साथ देंगे, हमारी धरोहर को अल्पसंख्यकों कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय और इंटरनेशनल भागीदारों के सहायता से संस्कृति मंत्रालय के साथ सलाह मशवरा करके ही इस योजना को शुरू करेगा निम्नलिखित भागीदारों हो सकते हैं-

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
  • राष्ट्रीय संगृहलय दिल्ली
  • भारत का राष्ट्रीय अभिलेखगर नई दिल्ली
  • राष्ट्रीय आधुनिक कला संगृहालय
  • इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र
  • UNESCO
  • भारतीय राष्ट्रीय कला और संस्कृति विरासत न्यास
  • विश्व स्मारक निधि   

प्रधानमंत्री कुसुम योजना

हमारी धरोहर योजना में सहायता का स्वरूप कैसा होगा

  • यह योजना केंद्रीय योजना हैं इसमें पूर्ण रूप से केंद्र का योगदान रहेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत जिन अल्पसंख्यकों को अपनी विरासत सहायता की जरूरत होंगी उनके सभी रूपों के संरक्षण के लिए और प्रचार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा और सुधार के लिए उन्हें पूँजी मुहैया कराई जायेगी।

हमारी धरोहर योजना फंड रिलीज़ कैसे होगा

इस योजना के अंतर्गत फंड को तीन किस्तों में विभाजित किया गया हैं इन्हे तीन किस्तो के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को पूँजी के माध्यम से केंद्र सरकार के द्वारा सहायता प्रदान किया जाएगा।

पहली किस्त

पहली किस्त में 40% पूँजी दी जायेगी संस्कृति विरासत के लिए। और निर्माण में इस किस्त का use करके तब दूसरी किस्त के लिए निर्माण करने वाले समूह के द्वारा लिया जा सकता हैं।

दूसरी किस्त

पहली किस्त की जाँच की जायेगी और उसके बाद दूसरी किस्त 40% की दी जायेगी. और यह 40% तब दिया जाएगा जब पहली किस्त का 90% के आसपास उसका कार्य स्थल पर प्रयोग कर लिया जाए तब दूसरे किस्त प्रदान की जायेगी।

तीसरी किस्त

तीसरी वाली किस्त 20% की होगी जब इन दोनों किस्तों का काम पूर्ण हो जाएगा तब इस किस्त को सरकार के द्वारा प्रदान किया जाएगा जो यह आखिरी किस्त होगी। 

PAO GREF Slip 2023

हमारी धरोहर योजना ऑनलाइन आवेदन

  • जब अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा विज्ञापन प्रसारित करेगा तब वह प्रपोजल को एक आवश्यक फॉर्मेट में मांगेगा ऑफिशियल वेबसाइट पर वह आपको देना होगा।
  • यह मंत्रालय उन विशेषज्ञ संगठनों को सीधे इन परियोजनाओं को वित्त पोषित कर सकता हैं और उन्हें साथ ही साथ दिशा निर्देशों के तहत प्रस्तुत भी कर सकता हैं और यह अपने संबंधित विषयों में अपनी विशेषता के लिए जाने जाते हैं।
  • मंत्रालय के पास बिना किसी सूचना दिया चयन किये गए स्थान को या चयन किये गए संस्कृति को रद्द करने का पूर्ण अधिकार मंत्रालय के पास हैं मंत्रालय से तर्क वितर्क नहीं किया जा सकता हैं।
  • मंत्रालय प्राधिकरण एजेंसी के माध्यम से संस्थानों के प्रमाण पत्रों या कागजो को सत्यापित करने के लिए कह सकता हैं।
  • जिस स्थान का चुनाव किया जाएगा PIA के प्रस्ताव पर सक्षम अधिकारी अर्थात सचिव जो (अल्पसंख्यकों के कार्य) अनुमोदन से विचार किया जाएगा तब आगे निर्णय लिया जाएगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज इस योजना के माध्यम से हम लोगों ने बहुत सी चीजें जानने की कोशिश की हैं यह योजना अल्पसंख्यकों के लिए क्या कर सकती हैं यह भी बताया गया हैं  क्योंकि इस योजना के अंतर्गत अब आप लोग हमारे लेख  के माध्यम से यह जान चुके हैं की यहाँ पर अल्पसंख्यको की जो विरासत हैं संस्कृति हैं और उनके जो स्थल हैं उन सब और उनके दस्तावेजों को भी सुरक्षित रखा जाएगा आने वाले भविष्य के लिए और यह योजना ministry of minority affairs के द्वारा लॉन्च की गई हैं और इसमें केवल अल्पसंख्यकों के समुदायों के बारे में और उनकी विरासतों, संस्कृति के बारे में ही बात की गई हैं। जिसको मंत्रालय द्वारा सुरक्षित रखने का पूरी तरह से सहयोग दिया जाएगा।

FAQ

Q : हमारी धरोहर किस मंत्रालय के द्वारा लॉन्च किया गया हैं?

Ans : Ministry of Minority affairs

Q : हमारी धरोहर को किस कारणवश लॉन्च किया गया हैं?

Ans : अल्पसंख्यकों की धरोहर और विरासत के संरक्षण के लिए।

Q : हमारी धरोहर योजना कब लॉन्च की गई थी।

Q : हमारी धरोहर योजना में अल्पसंख्यक में कौन आते हैं?

Ans : पर्शियों, ईसाइयों, बौद्धों आदि।

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